स्थान: मुंबई, भारत
तारीख: सितंबर 2025
पढ़ने का समय: 3–4 मिनट
सारांश:
Microsoft ने मुंबई में आयोजित अपना AI Tour सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जहां कंपनी के CEO सत्या नडेला ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर अपनी रणनीति साझा की। इस दौरे का आधिकारिक सार Microsoft India के सोशल मीडिया चैनल के ज़रिए सामने आया, जिसमें AI स्किलिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साझेदारियों पर खास ज़ोर दिया गया।
‘Becoming Frontier’ कीनोट में AI का विज़न
मुंबई AI Tour का मुख्य आकर्षण सत्या नडेला का कीनोट भाषण “Becoming Frontier” रहा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि AI अब केवल प्रयोग या सीमित उपयोग की तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर व्यवसाय, सरकार और समाज को प्रभावित करने वाली शक्ति बन चुकी है।
नडेला ने भारत को Microsoft के लिए एक रणनीतिक AI बाजार बताया और कहा कि देश की तकनीकी प्रतिभा और डिजिटल ग्रोथ AI के अगले चरण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
AI स्किलिंग पर सबसे ज्यादा जोर
इस कार्यक्रम में Microsoft ने साफ किया कि आने वाले समय में उसका सबसे बड़ा फोकस AI स्किलिंग पर रहेगा। कंपनी छात्रों, प्रोफेशनल्स और डेवलपर्स को AI और क्लाउड तकनीकों से जोड़ने के लिए नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगी।
Microsoft का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI की समझ उतनी ही ज़रूरी होगी, जितनी आज बुनियादी डिजिटल साक्षरता है। इसी दिशा में सरकार, शिक्षण संस्थानों और उद्योग के साथ साझेदारी को और मजबूत किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और साझेदारियों की योजना
AI स्किलिंग के साथ-साथ Microsoft ने भारत में AI-रेडी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना भी साझा की। कंपनी डेटा सेंटर्स और सुरक्षित AI प्लेटफॉर्म्स में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ स्टार्टअप्स और एंटरप्राइजेज के साथ मिलकर काम करेगी।
स्वास्थ्य, वित्त, मैन्युफैक्चरिंग और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में AI समाधान विकसित करने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
भारत के लिए क्यों अहम है यह AI Tour
मुंबई में हुआ यह AI Tour इस बात का संकेत है कि Microsoft भारत को सिर्फ AI उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि वैश्विक AI इनोवेशन का केंद्र मानता है। जैसे-जैसे दुनिया AI को लेकर आगे बढ़ रही है, भारत की भूमिका इसमें और मजबूत होती दिख रही है।
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